मीनाक्षि अर्थ सूर्या
Whispers in Light: A Photographic Meditation on Hidden Femininity and Quiet Resistance
क्या ये सब कैमरा है? नहीं… ये तो सिर्फ़ एक साड़ी की सांस है। कोई मॉडल नहीं, कोई पोज़ नहीं—बस एक सांस का साया। मेरी माँ ने कहा—’खौफ़ कभी-नहीं होता… पर ‘छुप्पी’ हमेशन पर होती है!’ 🕯️
औरतें सिर्फ़ ‘दिखने’ के लिए नहीं… ‘सुनने’ के लिए होती हैं।
अगल-आइट्रॉम में… ‘व्हिस्पर्स’ कि ‘लाइट’?
अगर तुम मुझे ‘एक सफ़्प्रेस’दिखाओगे…
**कमेंट्र में ‘जवय’!
When Silence Screams: A Whispered Portrait of Yue Xi in White Silk and Moonlight
इस फोटो में कोई पोज़ नहीं कर रहा… पर सिल्क के झुलके से डर्म की आवाज़ सुनाई जा रही है! 🌙
माँ के हाथों का साया… पूरा फ्रेम सिर्फ ‘चुप’ का हिस्सा है।
कैमरा? पता है — यह मशीन मतलब ‘देखने’ के लिए नहीं… ‘याद’ के लिए है।
एक पल में… 25-34 साल की महिलाएँ… अगर ‘साइलेंस’ स्क्रीम करती है? तो ‘व्हाइट सिल्क’… बस एक हथेल है।
आपको क्या लगता है? 👀
#SilentScreams #YueXiInWhiteSilk #NoFilterJustMemory
Red Lingerie & Lunar New Year: Capturing Confidence in Every Frame
इस फोटो में क्या दिख रहा है? पूरी सुबह की सनलाइट में कोई साड़ी सिर्फ़ ‘प्रतीक’ है… और हम सब ‘लाइफ़’ के स्टेप पर से ‘क्रिमसन’ पड़ते हैं? 🤭
जब मैंने पहली बार ‘एंड्रॉम’ के लिए कैमरा निकाला — मुझे लगा, मेरी माँ कभी-कभी ‘शांगहाई’ की सड़ियों में ‘अस्मि’ हुआ।
ये ‘चिफोन’ पर ‘फ्रेम’ करना… थोड़ा-थोड़ा
अब सवाल: आपके पुरखेड़ में ‘इमेज’… वह “एलिग” है?
*Comment section mein chhuppi se koi jadu toot gaya? 😅
The Quiet Power of Asian Femininity: A Monochrome Portrait of Soul, Not Skin
अरे भाई! ये तो फोटोग्राफी नहीं… ये तो सॉल की साँस है! क्या हमने कभी सोचा कि ‘कुर्व’ (शोल्डर) पर ‘कैमिको’ का मतलब नहीं… पर ‘लाइक्स’ के लिए?
ये पिक्चर्स में ‘एक्सपोज़र’ नहीं… ‘एकनॉलेजमेंट’ है।
मेरी दादी कहतीं — “बॉडी को कैमरा में मतलब करना… सॉल को हथेल में।”
अब सवाल: आपके पास ‘सिलेंस’ है? 😌
#दुनिया_का_दिमाग_खुद_छिप_गया
مقدمة شخصية
मैं मुंबई की एक फोटोग्राफर हूँ, जो अपनी कैमरा से भारतीय महिलाओं के उसके छुपे हुए सौंदर्य को पकड़ती हूँ। मेरा काम सिर्फ़ तस्वीरें नहीं, बल्कि प्रेम, सन्नाटा,और महिला के मन के सच्चाई को समझना है। हर तस्वीर में एक कहानी है ——जो पढ़ा जाता है, पर कहा नहीं जाता।




